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मार्च, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इस्कॉन मंदिर

  इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) - अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन (ISKCON - International Society for Krishna Consciousness) की स्थापना ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने 1966 में की थी। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और वैदिक संस्कृति के प्रचार के लिए समर्पित हैं। इस्कॉन मंदिर की विशेषताएँ: मूर्ति पूजा – श्री राधा-कृष्ण , जगन्नाथ-बलराम- सुभद्रा , और गौर-निताई की भव्य मूर्तियाँ। कीर्तन और भजन – संकीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और भजन कार्यक्रम। भागवत गीता प्रवचन – वैदिक शास्त्रों का अध्ययन एवं सत्संग। गोविंदा रेस्टोरेंट – शुद्ध शाकाहारी प्रसादम एवं सात्विक भोजन। त्योहारों का आयोजन – जन्माष्टमी , रथ यात्रा , गौरा पूर्णिमा , आदि का भव्य आयोजन। समाज सेवा   - गरीबों के लिए अन्नदान , शिक्षा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन। प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर: इस्कॉन वृंदावन – श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास। इस्कॉन दिल्ली (East of Kailash) – भारत के सबसे बड़े इस्कॉन मंदिरों में से एक। इस्कॉन मुंबई (चौपाटी & जुहू) – भव्य और सुंदर मंदिर। इस्कॉन बैंगलोर – आधुनिक और विशाल मंदिर परिसर।...

गोल्डन टेम्पल

  गोल्डन टेम्पल (स्वर्ण मंदिर) का परिचय स्वर्ण मंदिर, जिसे हरमंदिर साहिब भी कहा जाता है, भारत के पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्थित सिख धर्म का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है। यह मंदिर अपनी स्वर्ण जड़ित संरचना, शांत वातावरण और आध्यात्मिक महत्त्व के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इतिहास और महत्व: - स्वर्ण मंदिर का निर्माण गुरु अर्जन देव जी ने 1581 में शुरू करवाया और 1604 में पूरा हुआ। - इसमें गुरु ग्रंथ साहिब को स्थापित किया गया, जो सिख धर्म का पवित्र ग्रंथ है। - यह सिखों के लिए आस्था का केंद्र है और यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। वास्तुकला और विशेषताएँ: - मंदिर स्वर्ण (सोने) की परतों से ढका हुआ है, जिससे इसे "गोल्डन टेम्पल" कहा जाता है। - यह मंदिर अमृत सरोवर (पवित्र जल कुंड) के बीच स्थित है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। - मंदिर में चारों दिशाओं में प्रवेश द्वार हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह सभी जातियों और धर्मों के लिए खुला है। लंगर सेवा (निःशुल्क भोजन सेवा): - स्वर्ण मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी निःशुल्क लंगर सेवा चलाई जाती है। - प्रतिदिन हजारों श्रद...

द्वारकाधीश मंदिर

द्वारकाधीश मंदिर का परिचय द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर भी कहा जाता है, भारत के गुजरात राज्य के द्वारका शहर में स्थित एक प्राचीन और पवित्र हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जिन्हें द्वारकाधीश (द्वारका के राजा) के रूप में पूजा जाता है। इतिहास और महत्त्व: द्वारका को हिंदू धर्म के चार धामों में से एक माना जाता है और यह सप्तपुरी (भारत के सात सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों) में भी शामिल है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण मूल रूप से भगवान कृष्ण के पौत्र वज्रनाभ ने किया था, हालांकि वर्तमान संरचना लगभग 16वीं शताब्दी में निर्मित हुई। मंदिर की वास्तुकला: यह मंदिर नागर शैली में निर्मित है और लगभग 78 मीटर ऊँचा है। मंदिर के शिखर पर विशाल ध्वज लहराता रहता है, जिसे रोज़ाना पाँच बार बदला जाता है। मंदिर में मुख्य रूप से द्वारकाधीश (भगवान कृष्ण) की मूर्ति स्थापित है, जो काले पत्थर से बनी हुई है। पूजा और उत्सव: जन्माष्टमी, रथ यात्रा, दीपावली और होली यहाँ भव्य रूप से मनाए जाते हैं। मंदिर में प्रतिदिन विभिन्न आरती और पूजा अनुष्ठान होते हैं, जिनमें भक्त बड़ी संख...

बद्रीनाथ मंदिर - पवित्र चार धाम तीर्थ

बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार बद्रीनाथ को समर्पित है और चार धाम तथा छोटा चार धाम तीर्थयात्रा स्थलों में से एक है|   - बद्रीनाथ मंदिर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी: - स्थान:- यह मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है।   - ऊँचाई:- समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर (10,279 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है।   - मान्यता:- ऐसा माना जाता है कि आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में इस मंदिर को फिर से स्थापित किया था।   - खुलने का समय:- मंदिर अप्रैल से नवंबर तक खुला रहता है, क्योंकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण इसे बंद कर दिया जाता है।   - पौराणिक महत्व:- पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने यहाँ तपस्या की थी, और इस स्थान को "बद्रीकाश्रम" कहा जाता है।   कैसे पहुँचें?   - हवाई मार्ग:- निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट (देहरादून) है, जो लगभग 317 किमी दूर है।   - रेल मार्ग:- नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश (295 किमी)...

HAMPI TEMPLES

  हम्पी मंदिर कर्नाटक,  हम्पी मंदिर कर्नाटक, भारत में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। हम्पी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी, जो 14वीं से 16वीं शताब्दी तक फला-फूला। यह स्थान अपने समृद्ध इतिहास, आश्चर्यजनक वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। हम्पी के मंदिर और खंडहर एक विशाल क्षेत्र में फैले हुए हैं, जो चट्टानों और तुंगभद्रा नदी से घिरा हुआ है। ✓-हम्पी के प्रमुख मंदिर और संरचनाएं 1-विरुपाक्ष मंदिर: - भगवान शिव को समर्पित, यह भारत के सबसे पुराने कार्यशील मंदिरों में से एक है। - मंदिर परिसर में एक ऊंचा गोपुरम (प्रवेश द्वार), आंगन और छोटे मंदिर शामिल हैं। - यह आज भी एक सक्रिय पूजा स्थल है और तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। 2-विठ्ठल मंदिर: - अपने पत्थर के रथ और संगीतमय स्तंभों के लिए प्रसिद्ध। - यह मंदिर भगवान विठ्ठल (विष्णु के एक अवतार) को समर्पित है। - इसकी जटिल नक्काशी और वास्तुकला इसे हम्पी का मुख्य आकर्षण बनाती है। 3-हजारा राम मंदिर: - रामायण के दृश्यों को दर्शाती उत्कृष्ट मूर्तियों के लिए जान...

KAILASH PARVAT

  Kailash parvat ke bare mein jaane. Kailash parvat कैलाश पर्वत, जिसे माउंट कैलाश के नाम से भी जाना जाता है, चीन के तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में स्थित एक पवित्र पर्वत है। इसे हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और बोन धर्म में आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पूजा जाता है। इसके बारे में कुछ मुख्य विवरण इस प्रकार हैं. 1-धार्मिक महत्व; - हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। - बौद्ध धर्म में इसे डेमचोक से जोड़ा जाता है, जो परम आनंद का प्रतीक है। -जैन धर्म में इसे वह स्थान माना जाता है जहाँ प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने मोक्ष प्राप्त किया था। बोन धर्म में यह आध्यात्मिक दुनिया का केंद्र है।  भूगोल:- ट्रांसहिमालय के हिस्से कैलाश पर्वतमाला में स्थित है।   -ऊंचाई:6,638 मीटर (21,778 फीट). - चार प्रमुख नदियों के स्रोतों के पास: सिंधु,सतलज,ब्रह्मपुत्र,और करनाली. 3-तीर्थयात्रा; - कैलाश मानसरोवर यात्रा एक प्रसिद्ध तीर्थयात्रा है जहाँ भक्त पर्वत की परिक्रमा करते हैं (एक अनुष्ठान जिसे कोरा कहा जाता है). - परिक्रमा लगभग 52 किलोमीटर की होती है और इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है...

GIRNAR PARVAT

  Girnar parvat ke bare mein jaane गिरनार पर्वत गिरनार पर्वत, जिसे गिरनार पहाड़ या रेवतक पर्वत के नाम से भी जाना जाता है,भारत के गुजरात राज्य में स्थित एक प्रमुख पहाड़ी है। यह जूनागढ़ शहर के पास स्थित है और अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। गिरनार पर्वत जैन और हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। *गिरनार पर्वत के प्रमुख तथ्य* 1- धार्मिक महत्व: जैन धर्म में, गिरनार पर्वत को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का मंदिर स्थित है। यह मंदिर पर्वत की चोटी पर स्थित है और इसे "नेमिनाथ मंदिर" के नाम से जाना जाता है। - हिंदू धर्म में, गिरनार पर्वत को भगवान दत्तात्रेय का निवास स्थान माना जाता है। यहां दत्तात्रेय मंदिर भी स्थित है। - पर्वत पर कई अन्य मंदिर और धार्मिक स्थल भी हैं, जैसे अम्बा माता मंदिर और गोरखनाथ मंदिर। 2- प्राकृतिक सौंदर्य: - गिरनार पर्वत अपने प्राकृतिक सौंदर्य और हरे-भरे वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां की पहाड़ियों पर चढ़ाई करना एक लोकप्रिय गतिविधि है। - पर्वत की चोटी से आसपास के क्षेत्र का मनोरम दृश्य...

SIDDHIVINAYAK_TEMPLE

सिद्धिविनायक मंदिर  सिद्धिविनायक मंदिर भारत के महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और इसे "सिद्धिविनायक" के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है "सिद्धि देने वाले गणेश"। यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक महत्ता और भव्य वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।  - सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना 1801 में हुई थी और यह मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित है। यह मंदिर भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का मुख्य गर्भगृह छोटा है, लेकिन यहां की ऊर्जा और आस्था का वातावरण अद्वितीय है।  - मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश की मूर्ति काले पत्थर से बनी हुई है, जिसमें उनकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे "दक्षिणमुखी" गणेश कहा जाता है। यह मूर्ति अपने आप में दुर्लभ और अत्यंत पवित्र मानी जाती है।  - सिद्धिविनायक मंदिर में विशेष रूप से मंगलवार के दिन भक्तों की भीड़ जुटती है, क्योंकि मंगलवार को गणेश जी का दिन माना जाता है। यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि सिद्धिविनायक की कृपा से...

TIRUPATI BALAJI TEMPLE

  तिरुपति बालाजी मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर, जिसे श्री वेंकटेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर (भगवान विष्णु का एक रूप) को समर्पित है और दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है।  - मंदिर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें: 1- इतिहास:- मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 1,000 साल पुराना है और इसे विभिन्न राजवंशों जैसे पल्लव, चोल और विजयनगर साम्राज्य ने संरक्षण प्रदान किया था। 2- वास्तुकला:- मंदिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है और इसका गोपुरम (मुख्य द्वार) बहुत ही भव्य और आकर्षक है। मंदिर के शिखर पर सोने का कलश स्थापित है। 3- महत्व:- तिरुपति बालाजी मंदिर को "भूलोक वैकुंठ" (पृथ्वी पर भगवान विष्णु का निवास) कहा जाता है। यहां भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति काले पत्थर से बनी हुई है, जो बेहद आकर्षक और दिव्य है। 4- दर्शन और प्रसाद:- मंदिर में भक्तों को "लड्डू" का प्रसाद चढ़ाया जाता है, जो बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा, भक्त अपने बाल भगवान को...

अमरनाथ मंदिर

  अमरनाथ मंदिर  अमरनाथ मंदिर भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहाँ प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग (आइस लिंगम) विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मुख्य तथ्य : 1- स्थान:   - अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर (12,756 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है।   - यह पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) से लगभग 141 किमी दूर है। 2- धार्मिक महत्व:   - मान्यता है कि यहाँ भगवान शिव ने देवी पार्वती को अमरत्व का रहस्य (अमर कथा) सुनाया था।   - यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है, हालाँकि यह आधिकारिक सूची में शामिल नहीं है। 3- प्राकृतिक शिवलिंग:    - गुफा के अंदर बर्फ से निर्मित शिवलिंग चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ आकार बदलता है।   - यह शिवलिंग मई-अगस्त तक दिखाई देता है। 4- यात्रा (अमरनाथ यात्रा):   - यात्रा जून-जुलाई में शुरू होती है और श्रावणी मेला (रक्षाबंधन के समय) में समाप्त होती है।   - मुख्य मार्ग:...