सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

KAILASH PARVAT

 Kailash parvat ke bare mein jaane.


Kailash parvat

कैलाश पर्वत, जिसे माउंट कैलाश के नाम से भी जाना जाता है, चीन के तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में स्थित एक पवित्र पर्वत है। इसे हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और बोन धर्म में आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पूजा जाता है। इसके बारे में कुछ मुख्य विवरण इस प्रकार हैं.

1-धार्मिक महत्व;
- हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है।
- बौद्ध धर्म में इसे डेमचोक से जोड़ा जाता है, जो परम आनंद का प्रतीक है।
-जैन धर्म में इसे वह स्थान माना जाता है जहाँ प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने मोक्ष प्राप्त किया था। बोन धर्म में यह आध्यात्मिक दुनिया का केंद्र है। 
भूगोल:- ट्रांसहिमालय के हिस्से कैलाश पर्वतमाला में स्थित है। 
 -ऊंचाई:6,638 मीटर (21,778 फीट).
- चार प्रमुख नदियों के स्रोतों के पास: सिंधु,सतलज,ब्रह्मपुत्र,और करनाली.

3-तीर्थयात्रा;
- कैलाश मानसरोवर यात्रा एक प्रसिद्ध तीर्थयात्रा है जहाँ भक्त पर्वत की परिक्रमा करते हैं (एक अनुष्ठान जिसे कोरा कहा जाता है).
- परिक्रमा लगभग 52 किलोमीटर की होती है और इसे अत्यधिक शुभ माना जाता है.

4-अनछुई चोटी;
- अपने धार्मिक महत्व और चुनौतीपूर्ण भूभाग के कारण कैलाश पर्वत पर चढ़ाई नहीं की जा सकती. चीनी सरकार द्वारा चढ़ाई प्रतिबंधित है.

5-रहस्यमय विशेषताएँ;
- यह पर्वत अपनी अनोखी  चार-तरफा समरूपता के लिए जाना जाता है, जो पिरामिड जैसा दिखता है. - पास में स्थित मानसरोवर झील को भी पवित्र माना जाता है और यह तीर्थयात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।



कैलाश पर्वत आध्यात्मिक ज्ञान और प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है, जो तीर्थयात्रियों और साहसी लोगों को समान रूप से आकर्षित करता है। अगर आपको अधिक जानकारी चाहिए तो मुझे बताएं!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

TIRUPATI BALAJI TEMPLE

  तिरुपति बालाजी मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर, जिसे श्री वेंकटेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर (भगवान विष्णु का एक रूप) को समर्पित है और दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है।  - मंदिर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें: 1- इतिहास:- मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 1,000 साल पुराना है और इसे विभिन्न राजवंशों जैसे पल्लव, चोल और विजयनगर साम्राज्य ने संरक्षण प्रदान किया था। 2- वास्तुकला:- मंदिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है और इसका गोपुरम (मुख्य द्वार) बहुत ही भव्य और आकर्षक है। मंदिर के शिखर पर सोने का कलश स्थापित है। 3- महत्व:- तिरुपति बालाजी मंदिर को "भूलोक वैकुंठ" (पृथ्वी पर भगवान विष्णु का निवास) कहा जाता है। यहां भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति काले पत्थर से बनी हुई है, जो बेहद आकर्षक और दिव्य है। 4- दर्शन और प्रसाद:- मंदिर में भक्तों को "लड्डू" का प्रसाद चढ़ाया जाता है, जो बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा, भक्त अपने बाल भगवान को...

बद्रीनाथ मंदिर - पवित्र चार धाम तीर्थ

बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार बद्रीनाथ को समर्पित है और चार धाम तथा छोटा चार धाम तीर्थयात्रा स्थलों में से एक है|   - बद्रीनाथ मंदिर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी: - स्थान:- यह मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है।   - ऊँचाई:- समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर (10,279 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है।   - मान्यता:- ऐसा माना जाता है कि आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में इस मंदिर को फिर से स्थापित किया था।   - खुलने का समय:- मंदिर अप्रैल से नवंबर तक खुला रहता है, क्योंकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण इसे बंद कर दिया जाता है।   - पौराणिक महत्व:- पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने यहाँ तपस्या की थी, और इस स्थान को "बद्रीकाश्रम" कहा जाता है।   कैसे पहुँचें?   - हवाई मार्ग:- निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट (देहरादून) है, जो लगभग 317 किमी दूर है।   - रेल मार्ग:- नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश (295 किमी)...

अमरनाथ मंदिर

  अमरनाथ मंदिर  अमरनाथ मंदिर भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहाँ प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग (आइस लिंगम) विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मुख्य तथ्य : 1- स्थान:   - अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर (12,756 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है।   - यह पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) से लगभग 141 किमी दूर है। 2- धार्मिक महत्व:   - मान्यता है कि यहाँ भगवान शिव ने देवी पार्वती को अमरत्व का रहस्य (अमर कथा) सुनाया था।   - यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है, हालाँकि यह आधिकारिक सूची में शामिल नहीं है। 3- प्राकृतिक शिवलिंग:    - गुफा के अंदर बर्फ से निर्मित शिवलिंग चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ आकार बदलता है।   - यह शिवलिंग मई-अगस्त तक दिखाई देता है। 4- यात्रा (अमरनाथ यात्रा):   - यात्रा जून-जुलाई में शुरू होती है और श्रावणी मेला (रक्षाबंधन के समय) में समाप्त होती है।   - मुख्य मार्ग:...